न्यू दिल्ली: बॉलीवुड में चल रहे विवाद के बीच एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। फिल्म प्रोड्यूसर टीपी अग्रवाल ने फिल्म इंडस्ट्री की प्रमुख संस्थाओं के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने Federation of Western India Cine Employees और Indian Motion Picture Producers Association के उस अधिकार को चुनौती दी है, जिसके तहत कलाकारों पर बैन या नॉन-कोऑपरेशन लागू किया जाता है।

यह याचिका मुंबई की दिंडोशी सिविल कोर्ट में दायर की गई है, जहां कोर्ट ने दोनों संगठनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अग्रवाल का कहना है कि किसी भी ट्रेड बॉडी या एसोसिएशन के पास यह कानूनी अधिकार नहीं है कि वह किसी कलाकार को काम करने से रोके या उसके खिलाफ असहयोग का आदेश जारी करे। उनके अनुसार, ऐसे फैसले न सिर्फ कलाकारों की आजीविका पर असर डालते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मक स्वतंत्रता को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
यह मामला उस समय सामने आया है जब हाल ही में रणवीर सिंह और फिल्म इंडस्ट्री के बीच विवाद गहराया हुआ है। दरअसल, रणवीर सिंह ने Don 3 से अचानक अलग होने का फैसला लिया था, जिसके बाद प्रोड्यूसर्स ने भारी नुकसान का दावा किया। इसी के चलते FWICE ने 25 मई को उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी कर दिया था, जिसमें सदस्यों से रणवीर के साथ काम न करने की अपील की गई।
हालांकि यह कोई आधिकारिक कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इंडस्ट्री में इसका असर काफी बड़ा होता है, जिससे शूटिंग और प्रोडक्शन में दिक्कतें आ सकती हैं। अब टीपी अग्रवाल की याचिका इस पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है और यह मामला आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके को बदल सकता है।
